मैं ने की अपनी मामी कि चुदाइ मजबूरी मे
मे रा नाम हार्दिक हे. ये सेक्स की कहानी तब की हे जब मैं सिर्फ 20 साल का था. मैं अपनी कॉलेज की होलीडेस में अपने ननिहाल पर गया था ननिहाल में मेरे 3 मामा हे. और सब के सब शादीसुदा हे. मेरे सब से छोटे मामा सिंगर हे और वो मोस्ट ऑफ़ इंडिया के बहार ही रहते हे और घर पर वो कम ही रहते हे. मैं जब ननिहाल में गया तो सब ने बड़ी ख़ुशी से मेरा स्वागत किया. मैं पूरा के पूरा दिन अपनी मामियों के पास ही रहता था. कभी बड़ी वाली के पास तो कभी छोटी वाली के पास. ऐसा करते करते पहली रात भी हो गई. करीब 10 बजे होंगे.
मैं अभी तक कंफ्युस सा था की मुझे कहा पर अपना बिस्तर लगाना हे. घर वैसे तो काफी बड़ा था मेरे नाना जी का. मेरे सिंगर मामा ने अपने रियाज के लिए छत के ऊपर एक छोटा कमरा बना रखा था. उस कमरे में वो सिंगिंग की प्रेक्टिस करते थे. मैंने अपनी नानी से उस कमरे की की ली और वही सोने का सोचा. कमरा खोला तो देख के खुश हो गया. मामा जी का कमरा था छोटा पर एकदम सुन्दर था. वहाँ पर कोई पलंग नहीं था और निचे एक गद्दा डाला हुआ था. मैंने एक चादर ले ली और गद्दे के ऊपर ही बॉडी लम्बा दी.
रात के करीब पौने 11 बजे होंगे. मैं आधी नींद में सा था. तब किसी ने दरवाजे के ऊपर नोक किया. मैंने सोचा की साला इस वक्त कौन हे! मैंने देखा तो सिंगर मामा की वाइफ बहार खड़ी हुई थी और उसके हाथ में मेरे लिए एक गिलास भर के दूध था.
उसने कहा, ये लो दूध लाइ हूँ तुम्हारे लिए.
मैंने मामी को अन्दर आने के लिए कहा. मामी अन्दर आई और गद्दे के एक कौने पर बैठ गई. मैं दूध पिते हुए उनके साथ बातें करने लगा…
मामी ने कहा, हार्दिक तुमने अब तक कितनी गर्लफ्रेंड बनाई हे?
मैंने कहा, मामी कितनी का क्या मतलब हे आप का!
फिर मैंने धीमे से कहा सच कहूँ अभी तक एक भी नहीं बनी हे!
मामी ने कहा, बाप रे इतने हेंडसम लड़के की एक भी गर्लफ्रेंड नहीं हे ये कैसे मान लूँ! फिर तो शादी अपनी माँ की मर्जी की लड़की से ही करनी होगी तुम्हे?
मैंने मामी से कहा वो सब अभी कुछ फिक्स नहीं हे मामी. अगर कोई मिल गई तो उस से कर लूँगा.
मामी गद्दे में थोडा फैली और बोली, अच्छा, फिर तुम्हे कैसी लड़की चाहिए?
मैंने कहा, बस ऐसी लड़की हो जो मेरा और घर का ध्यान रखे.
मामी ने कहा, वैसे मेरी एक भांजी हे जो तुम्हारे लिए सही रहेगी तुम कहो तो बात चलवा दूँ?
मैंने कहा, अरे इतनी जल्दी भी कया हे मामी जी मैंने तो उसे अब तक देखा भी नहीं.
मामी ने कहा. देखने तो मेरी भांजी एकदम मेरी जैसी ही हे.
मैंने कहा, फिर तो खुबसूरत होगी वो, चलो आप मिलवा दो किसी दिन मुझे और उस को.
ये सब बातें होने की वजह से मैं मामी के साथ थोडा ओपन हो गया था. बातों बातों में कब 1बज गए वो भी हम दोनों को पता ही नहीं चला. घडी को देख के मामी ने कहा, अरे बाप रे 1 हो गए, चलो मैं जाती हूँ तुम भी अब सो जाओ. मैंने अब मामी को थोड़ी वो वाली नजर से देखा. पहले कभी ऐसे नहीं देखा था मैंने उसे. आज मुझे अपनी ये छोटी मामी बड़ी ही सेक्सी लग रही थी.मैंने उन्हें कहा, जाने की क्या जरूरत हे यही पर सो जाओ न आप भी आप की भांजी की बातें करेंगे.
मामी बोली, लेकिन यहाँ पर तो बस ये एक गद्दा ही हे.
मैंने मामी को कहा, आप गद्दे पर सो जाना मैं सामने सोफे के ऊपर सो जाऊँगा.
मामी बोली, एक मिनिट मैं निचे देख के आती हूँ की सबी सोये की नहीं.. वो लोग मुझे ढूंढेंगे वरना. 2-6मिनिट के अन्दर ही वो वापस आई. और वो बड़ी फुदक सी रही थी. वो बोली, निचे सब सोये हुए हे. मैंने उन्हें गद्दे पर बिठाया और फिर से हम बातें करने लगे.
बात बात में मैंने मामी को कहा, अरे मामा तो काफी दिन तक घर की तरफ देखते ही नहीं हे. मैं जब भी आता हु वो ऑलमोस्ट बहार ही होते हे. आप को बोर नहीं लगता हे उनके बिना अकेले अकेले?
ये सुनकर मामी की आँख में पानी सा आ गया. और वो उदास स्वर में बोली, अब मैं क्या कर सकती हूँ वो काम हे उनका और शादी के पहले से करते आये हे यही काम.
मैंने मन ही मन में सोचा की इस सेक्सी मामी की चूत का लोहा गरम हे और लंड का लोहा मार देने के सही वक्त हे.
मैंने मामी के कंधे के ऊपर हाथ रख के कहा, अरे मामी जी आप ने तो अच्छा मूड ख़राब कर लिया. सोरी मुझे ये बात नहीं करनी चाहिए थी.
मामी के एकदम हुआ मैं. वो मेरी आँखों में देख रही थी. उसकी आँखों में एकदम अलग सा खिंचाव था और मैं रोक नहीं सका खुद को. मैंने बिना कुछ सोचे अपने होंठो को मामी के होंठो पर रख के के एक हल्का सा किस कर दिया. मामी को भी पता नहीं एकदम से क्या हुए की उन्होंने अपने दोनों हाथो को मेरी बॉडी की दोनों तरफ लगा के ममुझे अपनी बाहों की गिरफ्त में भर लिया. और वो भी मेरे होंठो को अपने होंठो से चूसने लगी थी. मैंने उन्हें गद्दे के ऊपर लिटा दिया और दो सांप के जैसे हम एक दुसरे को लिपट के चुम्मा चाटी करने लगे.
जब मैंनर उसने कहा कि बस एक मिनट ठहर जाओ और अपना मुँह मेरे मुँह से लगाकर मेरा मुहं खोलकर अपने मुहं में भरा पूरा गरम गरम दूध मेरे मुहं में डाल दिया और फिर मुझसे कहा कि तुम इसको गटक जाओ, यह वही दूध है जो में तुम्हारे लंड से पी रही हूँ. दोस्तों मुझे वो बहुत मज़ेदार लगा, गरम गरम नमकीन सा में तुरंत उसको पूरा पी गया.
फिर उसके बाद उसने अपने बड़े बूब्स को दोबारा मेरे मुँह में घुसा दिया और दोबारा में उसका दूध पीने लगा जो कि इस बार और भी ज्यादा गरम मज़ेदार दूध था, जिसको वो मेरे मुहं में देने लगी और कुछ देर बाद उसने दोबारा नीचे झुककर एक बार फिर से मेरे लंड को अपने मुहं में भरकर उसका दूध पीना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से हम दोनों को बहुत मस्त मज़ा आ रहा था.
अब में उसके बड़े ही मुलायम रसभरे बूब्स से दूध पी रहा था और वो मेरे लंड से एक ही वक़्त में दूध पी रही थी. हम दोनों के मुहं से चुप चुप चुप चुप की आवाज़ें आ रही थी और हम दोनों ही एक दूसरे के दूध को पीने में एकदम गुम थे. फिर कुछ देर उनके साथ मज़े लेकर वापस में हंसी खुशी अपने घर वापस चला आया, लेकिन उसके बाद भी हम दोनों ने कई बार बहुत कुछ किया.
मैं अभी तक कंफ्युस सा था की मुझे कहा पर अपना बिस्तर लगाना हे. घर वैसे तो काफी बड़ा था मेरे नाना जी का. मेरे सिंगर मामा ने अपने रियाज के लिए छत के ऊपर एक छोटा कमरा बना रखा था. उस कमरे में वो सिंगिंग की प्रेक्टिस करते थे. मैंने अपनी नानी से उस कमरे की की ली और वही सोने का सोचा. कमरा खोला तो देख के खुश हो गया. मामा जी का कमरा था छोटा पर एकदम सुन्दर था. वहाँ पर कोई पलंग नहीं था और निचे एक गद्दा डाला हुआ था. मैंने एक चादर ले ली और गद्दे के ऊपर ही बॉडी लम्बा दी.
रात के करीब पौने 11 बजे होंगे. मैं आधी नींद में सा था. तब किसी ने दरवाजे के ऊपर नोक किया. मैंने सोचा की साला इस वक्त कौन हे! मैंने देखा तो सिंगर मामा की वाइफ बहार खड़ी हुई थी और उसके हाथ में मेरे लिए एक गिलास भर के दूध था.
उसने कहा, ये लो दूध लाइ हूँ तुम्हारे लिए.
मैंने मामी को अन्दर आने के लिए कहा. मामी अन्दर आई और गद्दे के एक कौने पर बैठ गई. मैं दूध पिते हुए उनके साथ बातें करने लगा…
मामी ने कहा, हार्दिक तुमने अब तक कितनी गर्लफ्रेंड बनाई हे?
मैंने कहा, मामी कितनी का क्या मतलब हे आप का!
फिर मैंने धीमे से कहा सच कहूँ अभी तक एक भी नहीं बनी हे!
मामी ने कहा, बाप रे इतने हेंडसम लड़के की एक भी गर्लफ्रेंड नहीं हे ये कैसे मान लूँ! फिर तो शादी अपनी माँ की मर्जी की लड़की से ही करनी होगी तुम्हे?
मैंने मामी से कहा वो सब अभी कुछ फिक्स नहीं हे मामी. अगर कोई मिल गई तो उस से कर लूँगा.
मामी गद्दे में थोडा फैली और बोली, अच्छा, फिर तुम्हे कैसी लड़की चाहिए?
मैंने कहा, बस ऐसी लड़की हो जो मेरा और घर का ध्यान रखे.
मामी ने कहा, वैसे मेरी एक भांजी हे जो तुम्हारे लिए सही रहेगी तुम कहो तो बात चलवा दूँ?
मैंने कहा, अरे इतनी जल्दी भी कया हे मामी जी मैंने तो उसे अब तक देखा भी नहीं.
मामी ने कहा. देखने तो मेरी भांजी एकदम मेरी जैसी ही हे.
मैंने कहा, फिर तो खुबसूरत होगी वो, चलो आप मिलवा दो किसी दिन मुझे और उस को.
ये सब बातें होने की वजह से मैं मामी के साथ थोडा ओपन हो गया था. बातों बातों में कब 1बज गए वो भी हम दोनों को पता ही नहीं चला. घडी को देख के मामी ने कहा, अरे बाप रे 1 हो गए, चलो मैं जाती हूँ तुम भी अब सो जाओ. मैंने अब मामी को थोड़ी वो वाली नजर से देखा. पहले कभी ऐसे नहीं देखा था मैंने उसे. आज मुझे अपनी ये छोटी मामी बड़ी ही सेक्सी लग रही थी.मैंने उन्हें कहा, जाने की क्या जरूरत हे यही पर सो जाओ न आप भी आप की भांजी की बातें करेंगे.
मामी बोली, लेकिन यहाँ पर तो बस ये एक गद्दा ही हे.
मैंने मामी को कहा, आप गद्दे पर सो जाना मैं सामने सोफे के ऊपर सो जाऊँगा.
मामी बोली, एक मिनिट मैं निचे देख के आती हूँ की सबी सोये की नहीं.. वो लोग मुझे ढूंढेंगे वरना. 2-6मिनिट के अन्दर ही वो वापस आई. और वो बड़ी फुदक सी रही थी. वो बोली, निचे सब सोये हुए हे. मैंने उन्हें गद्दे पर बिठाया और फिर से हम बातें करने लगे.
बात बात में मैंने मामी को कहा, अरे मामा तो काफी दिन तक घर की तरफ देखते ही नहीं हे. मैं जब भी आता हु वो ऑलमोस्ट बहार ही होते हे. आप को बोर नहीं लगता हे उनके बिना अकेले अकेले?
ये सुनकर मामी की आँख में पानी सा आ गया. और वो उदास स्वर में बोली, अब मैं क्या कर सकती हूँ वो काम हे उनका और शादी के पहले से करते आये हे यही काम.
मैंने मन ही मन में सोचा की इस सेक्सी मामी की चूत का लोहा गरम हे और लंड का लोहा मार देने के सही वक्त हे.
मैंने मामी के कंधे के ऊपर हाथ रख के कहा, अरे मामी जी आप ने तो अच्छा मूड ख़राब कर लिया. सोरी मुझे ये बात नहीं करनी चाहिए थी.
मामी के एकदम हुआ मैं. वो मेरी आँखों में देख रही थी. उसकी आँखों में एकदम अलग सा खिंचाव था और मैं रोक नहीं सका खुद को. मैंने बिना कुछ सोचे अपने होंठो को मामी के होंठो पर रख के के एक हल्का सा किस कर दिया. मामी को भी पता नहीं एकदम से क्या हुए की उन्होंने अपने दोनों हाथो को मेरी बॉडी की दोनों तरफ लगा के ममुझे अपनी बाहों की गिरफ्त में भर लिया. और वो भी मेरे होंठो को अपने होंठो से चूसने लगी थी. मैंने उन्हें गद्दे के ऊपर लिटा दिया और दो सांप के जैसे हम एक दुसरे को लिपट के चुम्मा चाटी करने लगे.
जब मैंनर उसने कहा कि बस एक मिनट ठहर जाओ और अपना मुँह मेरे मुँह से लगाकर मेरा मुहं खोलकर अपने मुहं में भरा पूरा गरम गरम दूध मेरे मुहं में डाल दिया और फिर मुझसे कहा कि तुम इसको गटक जाओ, यह वही दूध है जो में तुम्हारे लंड से पी रही हूँ. दोस्तों मुझे वो बहुत मज़ेदार लगा, गरम गरम नमकीन सा में तुरंत उसको पूरा पी गया.
फिर उसके बाद उसने अपने बड़े बूब्स को दोबारा मेरे मुँह में घुसा दिया और दोबारा में उसका दूध पीने लगा जो कि इस बार और भी ज्यादा गरम मज़ेदार दूध था, जिसको वो मेरे मुहं में देने लगी और कुछ देर बाद उसने दोबारा नीचे झुककर एक बार फिर से मेरे लंड को अपने मुहं में भरकर उसका दूध पीना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से हम दोनों को बहुत मस्त मज़ा आ रहा था.
अब में उसके बड़े ही मुलायम रसभरे बूब्स से दूध पी रहा था और वो मेरे लंड से एक ही वक़्त में दूध पी रही थी. हम दोनों के मुहं से चुप चुप चुप चुप की आवाज़ें आ रही थी और हम दोनों ही एक दूसरे के दूध को पीने में एकदम गुम थे. फिर कुछ देर उनके साथ मज़े लेकर वापस में हंसी खुशी अपने घर वापस चला आया, लेकिन उसके बाद भी हम दोनों ने कई बार बहुत कुछ किया.
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